संघ ने बदल डाला 91 साल का इतिहास

नागौर, राजस्थान। पिछले 91 साल से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पहचान रहे खाकी रंग के निकर अब इस संगठन के गणवेश से बाहर हो जाएंगे और समय के साथ बदलाव ला रहे संगठन की पहचान अब भूरे रंग की पतलून बनेगी। संघ की सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की यहां आयोजित तीन दिवसीय सालाना बैठक में यह फैसला किया गया।

संघ के सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हमने खाकी निकर की जगह भूरे रंग की पैंट को गणवेश में शामिल करने का निर्णय लिया है। हम अड़ियल रख नहीं रखते और समय के अनुसार फैसले लेते हैं।’ साल 1925 में संघ की स्थापना के बाद से ढीला-ढाला खाकी निकर संगठन की पहचान रहा है।

Indian volunteers of Hindu nationalist Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) party gather during a visit by their chief, Mohan Bhagwat,  in Jammu on September 29, 2013. The Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) is a right wing Hindu nationalist group volunteer organisation. AFP PHOTO/ STR        (Photo credit should read STRDEL/AFP/Getty Images)
लंबे इंतजार के बाद संघ ने अपने कार्यकर्ताओं की ड्रेस बदलने के फैसले पर मुहर लगा दी है। अब संघ के कार्यकर्ता खाकी हाफ पैंट की जगह भूरे रंग की फुट पैंट में नजर आएंगे।
शुरू में 1940 तक संघ के गणवेश में खाकी कमीज और निकर होते थे और बाद में सफेद कमीज इसमें शामिल हो गई। जोशी ने इसे बड़ा बदलाव बताते हुए कहा, ‘आज के सामाजिक जीवन में पैंट नियमित रूप से शामिल है और इसी को देखते हुए हमने हमारा फैसला किया।’ संघ पदाधिकारी ने प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा, ‘हमने भूरे रंग पर फैसला किया जिसकी कोई विशेष वजह नहीं है बल्कि यह आराम से उपलब्ध है और अच्छा दिखाई देता है।’

 

क्या इससे संघ स्वयंसेवकों की पहचान पर कोई असर पड़ेगा, इस प्रश्न पर जोशी ने कहा कि इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं होगा और अगले चार-छह महीने में इसे सहजता से स्वीकार किया जाएगा।

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