महावीर हो या कबीर सभी महापुरुषों का गोरखनाथ मंदिर से नाता रहा है: PM

गोरखपुर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सन्त परम्परा को अद्वितीय बताते हुए कहा कि इसी से समाज का कल्याण हो रहा है। मोदी ने यहां गोरक्षनाथ मन्दिर परिसर में गोरक्षपीठाधीश्वर रहे महन्त अवैद्यनाथ की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद कहा कि हम सबके प्रेरणास्रोत रहे परमपूज्य अवैद्यनाथ से उन्होंने कई व्यवस्थाओं की बारीकियां सीखी थीं।

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उन्होंने गोरक्षनाथ को एक महान परम्परा बताते हुए कहा कि यह परम्परा सिर्फ व्यक्ति की उन्नति के बारे में ही नहीं सोचता बल्कि समाज को आगे ले जाने के लक्ष्य को लेकर चल रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार परम्पराओं के दीर्घकालिक हो जाने पर कुछ कमियां आनी शुरु हो जाती हैं लेकिन परम्पराओं के नियमों का पालन किया जाता है तो उन्हें परिस्थितियों के दबाव से मुक्त रखा जा सकता है।

उन्होंने रहस्योद्घाटन किया कि राजनीति में आने से पहले ही उनका अवैद्यनाथ से सम्पर्क था। परम्पराओं को कैसे व्यवस्थित रखा जाए यह जानकारी उनमें कूट कूटकर भरी थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक ढांचे में बैठकर महन्त अवैद्यनाथ जी ने सामाजिक चेतना को जगाया और अब उनके शिष्य सांसद योगी आदित्यनाथ आगे बढा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संत परम्परा का पालन करने वाले किसी को भूखा और दु:खी नहीं देख सकते। संत के ठौर से व्यक्ति भूखा नहीं लौट सकता। संत किसी झोपडी में भी होगा तब भी पूछेगा कि क्या प्रसाद लेकर जाओगे। यही परम्परा समाज का कल्याण करती है और व्यवस्थाओं को चिरंजीवी रखती है।

उन्होंने कहा कि परम्पराओं ने समयानुसार बदलाव भी किया। आध्यात्मिक कार्य में लगे संत आजकल स्वच्छता अभियान से जुडे हैं। अपने शिष्यों से शौचालय बनवाने की अपीलें कर रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जनोपयोगी सेवाओं को आगे बढा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि मठ भारत को सम्पन्न बनाने में मदद करें।

बालक के जन्म के बाद उसे संस्कारित बनाने में उचित भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अवैद्यनाथ जी समाज के सुख दु:ख की चिन्ता करते थे। अच्छा काम करने वालों को पुरस्कृत करते थे। उनकी यह धरती अविरल प्रेरणा की धरती है। यहां से महात्मा बुद्ध, महावीर और कबीर जैसे विभूतियों का किसी न किसी समय अटूट नाता रहा है।

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