क्या आप जानते हैं कि क्यों जल्दी ख़राब हो जाती है आपके स्मार्टफोन की बैटरी?

देर रात तक फ़ोन पर बात करने के बाद हम अपना स्मार्टफोन चार्जिंग पर लगा कर बिंदास सो जाते हैं. आप तो सो जाते हैं, पर क्या आपको पता है इससे आपके फोन पर कैसा असर पड़ता है? आपका फ़ोन भी एक पल के लिए सोचता होगा कि ख़ुद तो सो गया, मुझे रात भर बिजली के झटके देने के लिए छोड़ दिया. आज हम बात करेंगे कि क्या फोन को चार्ज पर लगा कर रात भर छोड़ देना उचित है? बहुत से लोग फोन को 2 साल तक ही चलाना चाहते हैं. पर उनको पता नहीं होता कि रात भर चार्जिंग से वो अपने फ़ोन की बैटरी को बहुत नुकसान पहुंचा रहे होते हैं. इससे उनका 2 साल वाला लॉजिक धरा का धरा रह जाता है. नतीजतन उनको जल्द ही नया फ़ोन तलाशना पड़ता है. ज़्यादातर लोग ऐसा ही करते हैं कि रात भर फ़ोन चार्ज पर लगा कर छोड़ देते हैं, ताकि उनको सुबह बैटरी फुल चार्ज मिले.

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हम जो फ़ोन यूज़ करते हैं, उसकी बैटरी ‘Lithium-Ions’ की बनी होती है. आवश्यकता से ज़्यादा चार्ज करने पर इसका नुकसान होना तय होता है. फ़ोन चार्जर बनाने वाली कंपनी Anker के प्रवक्ता Edo Campos बताते हैं कि ‘चूंकि स्मार्टफोन स्मार्ट होते हैं, इसलिए उन्हें पता होता है कि उन्हें कब तक चार्ज होने की ज़रूरत है. Android और iPhones एक खास किस्म के Chips से लैस होते हैं, जो उन्हें फुल चार्ज होने के बाद अत्यधिक विद्युत आवेश से बचाते हैं. तो अगर रात में अपने फ़ोन के ऑफिशियल चार्जर से चार्ज करते हैं, तो इसका खतरा कम होता है. पर आदतन ऐसा करने से फ़ोन की बैटरी जल्दी खराब हो जाती है.’

आखिर क्यों ख़राब हो जाती है फोन की बैटरी?

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ज़्यादातर फ़ोन ऐसी किस्म की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं, जो उन्हें तेज़ी से करंट स्वीकार करने की क्षमता देती है. Wireless चार्जर कंपनी Ossia के मुख्य वैज्ञानिक और संस्थापक Hatem Zeine कहते हैं कि ‘ये तकनीक फ़ोन को जितनी ज़रूरत है, उतनी मात्रा में चार्जर से करंट लेने में सक्षम बनाती है’.

साथ ही ये तकनीक बैटरी में एक खास क्षमता उत्पन्न करती है, जिससे बैटरी में मौजूद ‘Lithium Ions’ फ़ोन को जल्दी चार्ज करने के लिए तेजी से अपना स्थान बदलते रहते हैं. ऐसा होने से उनके खुरचने का खतरा सामान्य अवस्था से ज़्यादा होता है. इसलिए जब आप इसे चार्जिंग पर लगा कर छोड़ देते हैं, तो इसके खराब होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है.

क्या है इसका उपाय?

इसका एक उपाय है, पर वो काम करेगा कि नहीं, ये पक्का नहीं है. Zeine ने बताया कि ‘आपको ये करना है कि, आपको अपना फोन उससे कम पावरफुल चार्जर से चार्ज करना होगा. जैसे अगर आपको ‘iPad Pro’ चार्ज करना है, तो उसके लिए आपको iPhone का चार्जर इस्तेमाल करना होगा. इससे ये होगा कि आपका फ़ोन धीरे-धीरे चार्ज होगा और फ़ोन की बैटरी सुरक्षित रहेगी.

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जो लोग अपने फ़ोन को जन्मों तक संभाल कर रखना चाहते हैं, वो इस बात की गांठ बांध ले कि उनका फ़ोन ओवरहीट ना होने पाए. ज़्यादा तापमान इन ‘Lithium Ions’ में विस्फोट की स्थिति उत्पन्न कर देता है. तो इससे आपकी बैटरी तो ख़राब होगी ही, साथ ही साथ फ़ोन पर भी खतरा मंडराना शुरू हो जाएगा.

तो याद रखियेगा इस सलाह को, आगे से फ़ोन चार्जिंग पर लगा कर मत सोना. उस बेचारे को भी तो थोड़ा आराम दे दिया करो. और अगर आपके पास फ़ोन की कमी नहीं है, तो लगाइए चार्जिंग पर. पर जिनको अपने फ़ोन की फ़िक्र है, वो इस आर्टिकल को शेयर करें.

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