इस्लामिक आतंकवाद पर काल की तरह बरसेगे ये चारों !

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अब सारी दुनिया में लोग कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवादियों से तंग आ गए हैं। उनके खिलाफ हर देश में अब नेता और सरकारें एक जुट हो रहीं हैं। और यह कहना गलत नहीं होगा कि ट्रम्प की जीत ने एक डेडली कॉम्बिनेशन को पूरा कर दिया है। अब तो इस्लामिक आतंकियों को अपनी सारी नीतियों पर फिर से गौर करना पड़ेगा!

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और यह कॉम्बिनेशन क्या है, वो हम आपको बताने वालें हैं। इस में सबसे पहले आए रूस के व्लादिमीर पुतिन, जो पहले से इस्लामिक आतंकियों से लड़ रहे हैं। और यह तो सब को ही मालूम है कि पुतिन इस्लामिक आतंकवाद पर कोई भी समझौता नहीं करेंगे।

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दूसरा देश जो इस कॉम्बिनेशन में हैं, वह है इजराइल। और वहाँ के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्युह पहले ही कह चुके हैं कि वह ईरान को एक परमाणु बम नहीं बनाने देंगे। और अगर उनके सब्र का इम्तिहान लिया गया तो वी अरब देशों पर जापान जैसा परमाणू हमला करवा देंगे। इजराइल का मुस्लिम देशों से शुरू से 36 का आंकड़ा हैं।

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अब बात करते हैं मोदी जी की, जिन्होंने शुरू से यह साफ़ किया है कि जब बात देश की सुरक्षा की आती है, तो वह अपना प्रचंड रूप दिखाने से पीछे नहीं हटेंगे। और ऐसा उन्होंने कई बार कर दिखाया भी है। फिर वो जाकिर निक को उसकी जगह दिखाना हो, या फिर कश्मीरी अलग्ग्वादियों को उनकी औकात दिखाना हो। और सर्जिकल स्ट्राइक्स ने यह साबित कर दिया कि वक़्त आने पर वह पीछे नहीं हटेंगे।

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और अब बात करते हैं अमेरिका के डोनाल्ड ट्रम्प कि, जो कल ही चुनाव जीतकर अमेरिका के नए राष्ट्रपति चुने गए हैं। उनका इस्लामिक आतंकियों के बारें जो कहना है वह तो सारी दुनिया को पता है। वह पहले ही कह चुके हैं कि राष्ट्रपति बनते ही वह इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ जंग छेड़ेंगे।  इतना ही नहीं वह पाकिस्तान के परमाणू हथियारों पर नियंत्रण की बात भी कह चुके हैं।

और अब आप पूछेंगे कि यह कॉम्बिनेशन सफल क्यूँ होगा।  वह इसलिए क्यूंकि यह चारो नेता एक दुसरे को बहुत पसंद करते हैं।  इन चारों के विचार एक जैसे हैं और इस कारण इन में तालमेल भी सही बैठेगा।  दुनिया भर में चल रहें झुकावों से यह साबित होता है कि आतंकियों के दिन अब गिनती के रह गए हैं। और आप सोचिए कि जब यह कॉम्बिनेशन काम करना शुरू करेगा, तो पूरी दुनिया से इस्लामिक आतंकवाद का सफाया हो जायेगा ।

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