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जानिये आखिर क्या हैं लीजन ग्रुप और क्यों और कैसे करता हैं हैकिंग !

आपको पता ही लीजन नाम का एक हैकिंग ग्रूप कोंग्रेस , राहुल गांधी , रविश कुमार , विजय माल्या और बरखा के अकाउंट हैक कर चुका है , बरखा की तो EMAIL तक हैक करके उसका सारा DATA इंटर नेट पर डाल दिया गया यहाँ तक की बरखा की बैंक की डिटेल भी डाल दी गयी है । पर क्या आप जानते हैं ये लीजन कौन हैं ? कैसे काम करते हैं ? पकड़े क्यूँ नहीं जाते ? इनका मक़सद क्या है ? आइए आपको बताते हैं ।

सबसे पहले जानते हैं लीजन क्या है और ये लोग कौन हैं  ?

दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार लीजन एक ही तरह से काम करने वाले लोगों का समूह है , ये पाँच देशों में काम कर रहा है , उन देशों के नाम हैं – अमेरिका , स्वीडन , कनाडा , रोमानिया और थाईलैंड । दिल्ली पुलिस के साइबर सेल के अनुसार ये ग्रूप अपनी गतिविधियाँ बढ़ाता जा रहा है। ये दूसरे हैकर्ज़ को भी अपने साथ काम करने का न्योता दे रहा है जिसके लिए उसने  legion_group@sigaint.org नाम से ये ऊपर दी गयी EMAIL ID दे रखी है ।

क्या ये लीजन 1980 से चले आ रहे लीजन ओफ़ डूम ग्रूप से कनेक्टेड है  ? 

नहीं , ऐसा बिलकुल भी नहीं लग रहा है की ये हैकर ग्रूप LOD से किसी भी तरह जुड़ा है , LOD अपने समय में आमिर लोगों के अकाउंट हैक करता रहा है । वैसे ये दोनो हैकर्ज़ ग्रूप एक ही तरह की सोच के साथ चल रहे हैं कि अमीरों और भ्रष्ट लोगों का भंडाफोड़ करो ।

लीजन के लोग किसलिए दूसरों के अकाउंट हैक करते हैं ? 

असल में ये लोग ख़ुद को दुनिया के सामने साइबर पुलिस या साइबर विजिलस दिखाना चाहते हैं , ये चाहते हैं जिनको क़ानून सज़ा नहीं दे पा रहा उनकी वो सूचनाएँ जिन तक किसी की भी पहुँच नहीं है उसको हम ( लीजन ) EXPOSE कर दें । हालाँकि ये नया ग्रूप अभी तक कोई बड़ा तहलका  नहीं मचा पाया है और बेहद कम जनकारियाँ ही इसने शेयर की हैं ।

अब बताते हैं कि लीजन काम कैसे करता है  ? 

लीजन और उनके लोग EMAIL , सोशल मीडिया के थ्रू काम करते हैं , ये गूगल क्रोम का या इंटर्नेट इक्स्प्लॉरर का भी इस्तेमाल नहीं करते , ये लोग THE ONION ROUTER नाम का ब्राउज़र इस्तेमाल करते हैं जिसको TOR भी कहा जाता है । ये ब्राउज़र ट्रैक करने में काफ़ी मुश्किल होता है जिससे ये बचे रहते हैं और ये उपयोग करने वाले को सीधे किसी से भी बात करवा देता है । दूसरी भाषा में समझा जाए तो ये एक गोस्ट ब्राउज़र है जिसका इस्तेमाल खोजी पत्रकार , जासूस आदि भी करते हैं ।

क्या ऐसे और भी बहुत सारे हैकर ग्रूप्स हैं ? 

अगर इस सवाल का जवाब जानना है तो इसका सीधा जवाब है हाँ बिलकुल  ऐसे बहुत सारेव ग्रूप मोज़ुद हैं कुछ आपराधिक गतिविधियों के लिए ऐसा करते हैं  और कुछ अपनी नैतिकता हाई मोरल ग्राउंड पर रखते हैं  समय समय पर ऐसे ग्रूप चर्चा में आते हैं फिर ग़ायब हो जाते हैं , पर हैकर्ज़ की बड़ी टीम पूरी दुनिया में ग्रूप या अकेले काम तो करती ही रहती है । ये लोग असीमित प्रतिभाशाली होते हैं ।

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