मोदी को इस इस छात्रा के पत्र को पढकर आप भी कहेंगे “मोदी जैसा कोई नहीं” !

एजी नमाना नाम की एक छात्रा ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिख कर कहा आप बहुत अच्छा काम कर रहे हों. जब वह प्रधानमंत्री मोदीजी को पत्र लिखा रही थी तब वह अपने गांव में कुछ अहम समस्याओं से निपटने के लिए उनकी सहायता की मांग कर रही थी. उसके गाँव के अधिकारी और निर्वाचित प्रतिनिधि उसका धन्यवाद कर रहे है कि वो गाँव की समस्याओं के लिए इतना कर रही है. आलेखन होराटी जो की चिक्कामगलुरु जिले मुदिगेरे तालुक की पश्चिम घाट में इ छोटा सा गाँव है. इस गाँव में छात्रा के द्वारा उठाये गए मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी ने निर्देश दिए है कि इनकी समस्याओं की जांच की जाए. 

स्थानीय विधायक बीबी निन्गिया गाँव में गए और गाँव का ब्यौरा किया फिर फैसला लिया कि गाँव के निर्माण और सुधार के लिए सरकार फंड्स लेंगे. इससे पहले भी इसी साल इस छात्रा ने प्रधानमंत्री मोदी को ख़त लिखा था. यह छात्रा ग्रामीणों की दुर्दशा देखकर परेशान थी. यह पत्र लिखने के लिए उसकी शिक्षकों ने उसको प्रोत्साहित किया. इस गाँव में लगभग 35 परिवार है और 300 लोग, लेकिन इस गाँव में  मोटर योग्य सड़क भी नहीं है. यह गाँव स्वास्थ सुविधाओं से वंचित है, बिजली यहाँ आती नहीं है.

16 वर्षीय इस बच्ची ने 6 अक्टूबर को प्रधनामंत्री मोदी को अंग्रेजी में पत्र लिखकर अपने गाँव की दुर्दशा के बारे में बताया. दो महीने तक उसको उसके पत्र का जवाब नहीं मिला, वह आशा खो चुकी थी. लेकिन नमाना और उसका परिवार चकित रह गया जब चिक्कामगलुरु जिला प्रशासन को पीएमओ के निर्देश के बारे में सूचित किया गया. पीएमओ ने अधिकारियों को दिसम्बर में मामले को देखने का अनुरोध किया.

इस हफ्ते अधिकारियों ने गाँव का दौरा किया और  ग्रामीणों को उनकी समस्याओं से निपटने का आश्वासन दिया. हालाँकि नमाना गाँव में नहीं रहती है, उसके माता पिता और छोटा भाई वहाँ रहते हैं. नमाना खुश है कि अधिकारी समस्या को देख रहे है. प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार को इस मुद्दे पर गौर फरमाने का आदेश दिया है. गाँव को सुधारने के लिए जेडीएस के मुदिगेरे विधायक निन्गिया को 80 लाख रूपए सोंप दिए गए है.

निन्गिया का कहना है कि गाँव की सड़कों की ऐसी हालत होने का कारण है खराब मौसम. गांव में बिजली है, लेकिन ख़राब मौसम के कारण पेड़ पॉवर लाइन्स पर गिर जाते हैं.

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