अब होगी अखिलेश और पीएम मोदी की सीधी टक्‍कर..!

यूपी :  शुरू हुई नई पॉलिटिक्‍स, सीएम अखिलेश और पीएम मोदी की सीधी टक्‍कर..!
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के मकसद से राजनीतिक दलों की तरफ से हर दांव आजमाए जा रहे…

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के मकसद से राजनीतिक दलों की तरफ से हर दांव आजमाए जा रहे हैं। अब सूबे में सियासी रैलियों की रौनक के बाद ‘बुक पॉलिटिक्स’ शुरू हो गई है। राजनीतिक दल किताबों के जरिये अपने विकास कामों को जनता तक पहुंचाने की कोशिश में है। इसे राजनीतिक दलों की ओर से बौद्धिक समाज में पैठ बनाने के प्रयासों के तौर पर देखा जा रहा है। पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने मुस्लिम वोट को लामबंद करने के लिए एक किताब छपवाई और अब समाजवादी पार्टी (सपा) राज्य के मुख्यमंत्री और अपने नेता अखिलेश यादव के भाषणों का संकलन वाली पुस्तक छपावाने जा रही है, अहम बात यह है कि अब इस लड़ाई में भारतीय जनता पार्टी भी कूद गई है।

उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले शुरू हुई इस ‘बुक पॉलिटिक्स’ के कई आयाम हैं। एक ओर जहां सपा, सीएम अखिलेश यादव के चुनिंदा भाषणों और प्रेस कांफ्रेंस का संकलन कर ‘परिवर्तन की आहट’ किताब लॉन्च करने जा रही है, तो वहीं बीजेपी के थिंक टैंक में प्रमुख डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउन्डेशन ‘परिवर्तन की ओर’ नामक पुस्तक के जरिए इस लड़ाई में शामिल होने जा रहा है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउन्डेशन की ओर से जारी होने जा रही ‘परिवर्तन की ओर’ पुस्तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की तमाम योजनाओं पर केंद्रित है। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से 28 लेखकों, पत्रकारों, शोधार्थियों और ब्लॉगर्स ने अलग-अलग योजनाओं का अपने हिसाब से मूल्यांकन किया है। यह किताब तब आई है, जब यूपी विधानसभा चुनाव सामने है। उधर, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की किताब ‘परिवर्तन की आहट’ भी आ रही है। हालांकि इसका विमोचन कब होगा और यह पाठकों तक कैसे आएगी, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है।

डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउन्डेशन के डायरेक्टर डॉ.अनिर्बन गांगुली ने बीजेपी की किताब ‘परिवर्तन की ओर’ के बारे में बताया कि इसके माध्यम से 28 लेखकों, पत्रकारों, शोधार्थियों और ब्लॉगर्स ने मोदी सरकार के विभिन्न योजनाओं का विश्लेषण किया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के आने के बाद देश भर में चल रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से कैसे देश के आम लोगों के जीवन में बदलाव आ रहे हैं, इसी को जानने की कोशिश की गई है। इसे जल्द ही दिल्ली या लखनऊ में लोकार्पण किया जाएगा।

‘परिवर्तन की ओर’ के संपादक, पत्रकार और स्तंभकार अनंत विजय ने कहा ‘इस पुस्तक का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। हमने सिर्फ सरकार की योजनाओं से समाज में जो बदलाव आ रहे हैं, उसी को रखने की कोशिश की है। इसके लिए कई लेखकों ने देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा भी की है। उज्जवला योजना पर लिखने वाले हर्षवर्धन त्रिपाठी ने कई गांवों का दौरा किया।’ तो वहीं इसके दूसरे संपादक शिवानंद द्विवेदी ने कहा कि यह एक चुनौतीपूर्ण काम था, इसमे हमने भारत सरकार के 30 से 35 योजनाओं को शामिल करने का प्रयास किया। इसे प्रभात प्रकाशन प्रकाशित करने जा रहा है।

इधर, समाजवादी पार्टी की किताब ‘परिवर्तन की आहट’ में अखिलेश यादव के चुनिंदा भाषणों और प्रेस कांफ्रेंस का संकलन है, जिसे राजकमल प्रकाशन प्रकाशित करने जा रहा है। मुख्यमंत्री के भाषणों के पहले संस्करण का संपादन, सरकार में कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी ने किया है। 200 पेज वाली इस किताब के पहले संस्करण में 2012 चुनावों से पहले शुरू की गई क्रांति रथ यात्रा और अब कि बार मुख्यमंत्री की रैलियों और प्रेस कांफ्रेंस में दिए गए भाषणों को शामिल किया गया है।

राजेंद्र चौधरी ने बताया की परिवर्तन की आहट का पहला भाग तैयार है और इसका जल्द ही विमोचन किया जाएगा। इस किताब को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में वितरित किया जाएगा।

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