PM ने नहीं किया किसी से भेदभाव, 24 भाजपा वाले भी पकड़े !!

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नोटबंदी क्या हुई धन कुबेरों की तो सांसें ही थम गयी। मोदी का विरोध तो होगा ही क्यूँकि आज तक देश लूट लूट कर जो पैसा बना रहे थे उसको रोकने में जो लगे हैं मोदी।

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लेकिन मोदी के विरोध में देश के सबसे पुराने दल कांग्रेस और उनके साथ दूसरे तथाकथित सेक्युलर जमात के विपक्षी नेता इतने बुरी तरह बौखला गए हैं कि उन्हें कुछ भी समझ में ही नहीं आ रहा है । बेचारों को इतनी चोट लगी है कि उन्हें ये भी नहीं पता कि क्या बोलना चाहिए और क्या नहीं ? मोदी की चाल में इतने उलझे कि उन्हें बिलकुल भी पता नहीं चल रहा कि क्या बोलने से उन्हें राजनीतिक फायदा होगा और क्या बोलने से उनकी ख़ुद की छवि का नुकसान होगा ? बात ठीक भी है जब धन की चोट मन पर लगती है तो बड़े बड़ों के होश उड़ जाते हैं । इस पैसे की ख़ातिर तो इतने पापड़ बेले थे , मोदी ने मिनट में मिट्टी कर दिया ।

आपने भी सुना होगा कि कांग्रेस उपध्यक्ष और अभी तक युवा राहुल गाँधी और दिल्ली देश के माननीय CM श्री मान केजरीवाल साहिब पहले मोदी सरकार एक इल्ज़ाम लगा रहे थे कि नोटबंदी से पहले भाजपा ने अपनी पार्टी के लोगों  को सब कुछ बता दिया था और सभी भाजपा वालों और उनके समर्थकों ने अपना कालाधन चुपचाप सफ़ेद कर लिया था।
लेकिन सबसे बड़ी मज़ाक़ की बात तो ये है कि अब यही लोग एक नया इल्ज़ाम लगाने लगे कि भाजपा वाले भ्रष्ट हैं और  नोटबंदी के बाद से 24 बीजेपी नेता भी काले धन के मामलों में पकड़े गये हैं । 
देखा आपने ये लोग किस क़दर दोगले हैं, मोदी ने तो कभी नहीं कहा था कि भाजपा के लोगों को वो छोड़ देंगे उन्होंने तो कहा था किसी भी काले धन वाले को नहीं छोड़ूँगा चाहे अपना हो या पराया हो और उसी पर PM मोदी बिलकुल खरे उतरे हैं। लेकिन विरोधियों की बातों पर ग़ौर करके आप खुद सोचिये जब भाजपा  ने अपनी पार्टी के लोगों को नोटबांदी के बारे में पहले ही सूचना दे दी थे तो 24 लोग कैसे पकड़ लिए गए ? और जब पकड़ लिए गए हैं तो इसका साफ़ और सीधा मतलब है कि काले धन वाले टैक्स चोरों को पकड़ने में मोदी सरकार ने किसी भी क़िस्म का भेदभाव नहीं किया गया बल्कि बीजेपी वालों पर तो ज्यादा ही शिकंजा कस गया ताकि देश को ये बताया जा सके कि काले धन पर सरकार बेहद संजीदगी से रोक लगाना चाहती है ।
क्या ऐसी ईमानदारी कभी आज से पहले देश के शासन में नज़र आयी थी  ? क्या ऐसा रूप और ऐसा निर्णय किसी भी सरकार या नेता ने किया था ? बल्कि नेताओं ने तो राजनीतिक पार्टियों के लिए ऐसे ऐसे नियम बना रखें हैं कि मायावती 104 करोड़ पकड़े जाने के बाद भी बीस बीस हज़ार दिखाकर ख़ुद को पाक साफ़ बता रही हैं लेकिन मोदी सरकार धीरे धीरे ही सही इन सारे नियमों को भी बदलेगी इसका देश को विश्वास ज़रूर रखना चाहिए ।
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