बड़ा ऐलान : बीजेपी में शामिल होंगे अखिलेश…2 जनवरी को मोदी जी की रैली!!

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उत्तर प्रदेश से बहुत बड़ी खबर आ रही है। अखिलेश यादव के बीजेपी में शामिल होने के कयास लग रहे हैं। 2 जनवरी को पीएम मोदी की रैली में हो सकता है एलान

New Delhi, Dec 31: यूपी में तेजी से बदल रहे राजनीतिक समीकरणों के बीच बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। समाजवादी पार्टी से 6 साल के लिए निकाले गए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। इस बात की अटकलें अचानक से शुरू हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी की तरफ से भी संकेत मिल रहे हैं। सोशल मीडिया में इस बात की चर्चा है कि  समाजवादी पार्टी से निकाले जाने के बाद अखिलेश यादव के पास जो विकल्प हैं उनमें से एक भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ना भी है। अखिलेश के बीजेपी में शामिल होने की खबरें अनायास ही नहीं है। इसके पीछे आधार भी है। दरअसल सपा से निकाले जाने के बाद अखिलेश के पास कोई पार्टी नहीं है। अगर वो नई पार्टी नहीं बनाते हैं तो और दूसरी तरफ बीजेपी के पास कोई चेहरा नहीं है जिसके दम पर वो चुनाव लड़ सके। ऐसे में अगर अखिलेश यादव बीजेपी में शामिल हो जाते हैं तो दोनों को जबरदस्त फायदा होगा।

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जो चर्चाएं हैं उनके मुताबिक आपको बताते हैं कि अखिलेश यादव कब बीजेपी का दमन थाम सकते हैं। 2 जनवरी को पीएम मोदी की लखनऊ में बड़ी रैली को संबोधित करने वाले हैं। इस दौरान अखिलेश के बीजेपी में शामिल होने का एलान हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी नेता लगातार इस कोशिश में है कि अखिलेश को अपने खेमे में लाया जाए। यही कारण है कि अभी से अखिलेश की तारीफ शुरू हो गई है। बागपत से बीजेपी सांसद सत्यपाल सिंह ने अखिलेश यादव की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि धीरे धीरे समाजवादी पार्टी से गुंडे टाइप के नेता दूर हो रहे हैं। इसी के साथ अखिलेश यादव एक बड़े नेता के तौर पर स्थापित होंगे। सत्यपाल सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने राजनीति को इस आयाम पर पहुंचा दिया है जहां पर गुंडे तत्व में राजनीति में न हों।सत्यपाल सिंह के इस बयान के कई मतलब निकाले जा रहे हैं।

इसी के साथ सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर सुगबुगाहट तेज है। कहा जा रहा है कि अगर अखिलेश बीजेपी का दामन थाम लेते हैं तो ये यूपी की राजनीति में एतिहासिक घटना होगी। अगर ऐसा होता है तो उत्तर प्रदेश चुनाव में मोदी के साथ अखिलेश का डंका बजना तय है। हालांकि अभी अखिलेश यादव के पास कई विकल्प हैं। रामगोपाल यादव और अखिलेश साथ हैं। बताया जा रहा है कि रामगोपाल यादव ने पहले से ही इस दिन के लिए तैयारी शुरू कर दी थी। सूत्रों के मुताबिक समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय सम्मेलन बुलाकर वो अखिलेश को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना चाहते थे। खबर तो ये भी है कि रामगोपाल ने चुनाव आयोग में भी बात कर ली थी। इस की भनक शिवपाल को लगी और उसके बाद रामगोपाल और अखिलेश को मुलायम ने पार्टी से 6 साल के लिए बाहर कर दिया।

बीजेपी के अलावा अखिलेश के कांग्रेस के साथ गठबंधन की खबरें भी हैं। सूत्रों के मुताबिक अखिलेश नई पार्टी बना कर कांग्रेस के साथ गठबंधन करेंगे। इस गठबंधन में अजीत सिंह की पार्टी और जेडीयू भी शामिल हो सकती हैं। फिलहाल यूपी में कयासों का दौर जारी है। इन सबके बीच अखिलेश अपने विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक करने वाले हैं। फिलहाल अटकलों का दौर जारी है। क्या अखिलेश मोदी की रैली में बीजेपी में शामिल होंगे या फिर वो नई पार्टी बनकर कांग्रेस के साथ गठबंधन करेंगे। इन सारे सवालों के जवाब जल्द ही मिल जाएंगे। अखिलेश जो भी फैसला करेंगे वो यूपी की सियासत को हमेशा के लिए बदल के रख देगा। इन सबके बीच 2 जनवरी को लखनऊ में होने वाली पीएम मोदी की रैली का भी इंतजार बेसब्री से किया जा रहा है। सवाल ये है कि क्या मुलायम सिंह यादव अपने सामने अपनी पार्टी को टूटता हुए देखेंगे या फिर वो अखिलेश को मनाने की कोई कोशिश करेंगे।

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