बड़ा खुलासा : अखिलेश और मुलायम ने फिक्स किया था पूरा नाटक,ईमेल हुआ लीक !!

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यूपी में समाजवादी पार्टी की कलह में नया मोड़ आ गया है। एक पत्रकार ने लीक ईमेल के हवाले से लिखा है कि समाजवादी पार्टी का झगड़ा फिक्स है।

New Delhi, Dec 31: यूपी में जारी सियासी संकट में लगातार नए मोड़ आ रहे हैं। मुलायम सिंह ने अपने बेटे अखिलेश और भाई रामगोपाल यादव को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से 6 साल के लिए निकाल दिया है। जिसके बाद ये कहा जा रहा है कि अब अखिलेश नई पार्टी बनाने वाले हैं। आखिर क्या कारण था कि समाजवादी पार्टी की कलह इस स्तर तक आ गई। क्या ये वाकई में जैसा दिख रहा है वैसा है या फिर इसके पीछे कोई रणनीति है। इंडिया टुडे के पत्रकार राहुल कंवल के एक ट्वीट ने इस मामले को अलग ही मोड़ दे दिया है। राहुल कंवल ने ट्वीट करके एक लीक ईमेल का जिक्र किया है। ये मेल अखइलेश के रणनीतिकार स्टीव जार्ड़िंग का है जो उन्होंने समाजवादी पार्टी के किसी नेता को भेजा था। इसमें साफ साफ लिखा हुआ है कि  पारिवारिक झगड़े का नाटक किया जाए।

हालांकि इस लीक ईमेल के सामने आने के बाद ये भी कहा जा रहा है कि ये फर्जी है। इस ईमेल का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या हकीकत में समाजवादी पार्टी का झगड़ा फिक्स था। यूपी विधानसभा चुनाव में अखिलेश को साफ छवि का नेता बताने के लिए इस तरह का नाटक किया गया। कथित फर्जी ईमेल में लिखा है कि स्टीव जार्डिंग चाहते थे कि शिवपाल यादव को बलि का बकरा बना कर अखिलेश की साफ छवि को और मजबूत किया जाए। जिस से उन्हे भविष्य के नेता के तौर पर प्रोजेक्ट किया जा सके। सबसे खास बात ये है कि इस ईमेल में कोई आईडी नजर नहीं आ रही है। एक तरफ कोने में समाजवादी पार्टची का झंडा लगा हुआ है। इस मामले में जब स्टीव एंड पार्टनर्स के अद्वैत विक्रम सिंह ने इस तरह का कोई भी ईमेल भेजे जाने से इंकार किया है।

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उनका कहना है कि यूपी में पहले से संकट में घिरी समाजवादी पार्टी को और मुश्किलों में डालने के लिए ईमेल का सहारा लिया गया है। बता दें कि ईमेल में 24 जुलाई की तारीख लिखी हुई है। जबकि उस समय के बाद से अब तक समाजवादी पार्टी में कई सारे परिवर्तन हो चुके हैं। उस से भी खास बात ये है कि स्टीव ने इसी साल अगस्त में अखिलेश के लिए काम करना शुरू किया था। कंपनी की तरफ से कहा गया है कि उन्होंने ट्वीट करने वाले के खिलाफ कानूनी नोटिस एक्शन लेने का मन बना लिया है। ट्वीट करने वाले से पूछा जाएगा कि इस खबर का स्त्रोत क्या है। बता दें कि कथित तौर पर फर्जी इस ईमेल के कारण यूपी की सियासत में नयामोड़ आ गया है। सोशल मीडिया पर तेेजी से वायरल हुए इस ईमेल को आधार बनाकर समाजवादी पार्टी को निशाने पर लिया जा रहा है।

गौरतलब है कि अगले साल यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से ठीक पहले इस तरह से समाजवादी पार्टी की कलह का सतह पर आना और अखिलेश के साथ रामगोपाल का 6 साल के लिए पार्टी से निकाला जाना बेहद घातक हो सकता है। राजनीति के जानकार भी मान रहे हैं कि इस तरह का घातक कदम मुलायम सिंह कतई नहीं उठा सकते हैं। फिलहाल अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है कि कौन सही है और कौन गलत है। लेकिन जो भी हो रहा है वो यूपी चुनाव में समाजवादी पार्टी की जीत की संभावनाओं पर ग्रहण जरूर लगा रहा है। सूत्रों के मुताबिक अब अखिलेश के पास नई पार्टी बनाने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। संभावनाएं हैं कि वो नई पार्टी बनाकर कांग्रेस के साथ गठबंधन कर लें। इस सूरत में गठबंधन का चेहरा अखिलेश यादव होंगे।

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