बड़ी खबर : सपा के ‘टीपू सुल्‍तान’ की सर्जिकल स्‍ट्राइक, अमर सिंह बाहर, शिवपाल पद से बेदखल!!

समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अधिवेशन में अमर सिंह को पार्टी को निकालने का फैसला लिया गया। जबकि शिवपाल यादव को उनके पद से हटा दिया गया है।

New Delhi Jan 01 : उत्‍तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का झगड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पार्टी की बगावत में हर पल नया डेवलपमेंट हो रहा है। लखनऊ में जहां एक ओर रामगोपाल यादव ने अखिलेश यादव को पार्टी का नया अध्‍यक्ष बनाने की घोषणा कर दी है वहीं शिवपाल सिंह यादव को उत्‍तर प्रदेश अध्‍यक्ष पद से हटा दिया गया है। जबकि अमर‍ सिंह को पार्टी से ही बाहर  निकाल दिया गया है।  हालांकि मुलायम सिंह यादव लगातार पार्टी के इस  राष्‍ट्रीय अधिवेशन को ही असंवैधानिक करार दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अखिलेश समर्थकों का कहना है कि अमर सिंह ही इस पूरे विवाद की जड़ हैं। उनके साथ जो भी हो रहा है वो बहुत कम है। उन्‍हें तो सबसे ज्‍यादा सबक सिखाए जाने की जरुरत है।

रामगोपाल यादव की ओर से बुलाए गए समाजवादी पार्टी के इस राष्‍ट्रीय अधिवेशन का आयोजन लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में किया गया। लेकिन इस कार्यक्रम के शुरू होने से ठीक पहले ही पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने लेटर जारी कर राष्‍ट्रीय अधिवेशन को पार्टी संविधान के खिलाफ बताया था। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की थी कि कि वे इस अधिवेशन में शामिल न हों और ना ही किसी लेटर पर भी कोई हस्‍ताक्षर करें। इस फैसले से पहले मुलायम सिंह यादव ने शिवपाल सिंह यादव के साथ मीटिंग भी की थी। जिसके बाद ही ये लेटर जारी किया गया जिसमें इसका पालन करने वालों के खिलाफ पार्टी अनुशासनहीनता की कार्रवाई की धमकी भी दी गई थी।

लेकिन, इस सब की परवाह किए बगैरह लखनऊ के जनेश्‍वर मिश्रा पार्क में ये अधिवेशन जारी रहा। यहां ना सिर्फ अखिलेश यादव पार्टी के अध्‍यक्ष बनाए गए बल्कि अमर सिंह को पार्टी से ही निकाल बाहर कर दिया गया है। शिवपाल यादव से भी स्‍टेट प्रेसीडेंट का पद छीन लिया गया है। लेकिन, जाहिर है कि जिस तरह से मुलायम सिंह यादव ने ये लेटर जारी किया है, उससे साफ है कि इस फैसले को ना तो शिवपाल यादव मानेंगे और ना ही अमर सिंह। हालांकि रविवार की सुबह ही लंदन से अमर सिंह का बयान सामने आया था। उनका कहना था कि अगर नेता जी जो लगता है कि इस विवाद के पीछे उनका हाथ है या उनकी साजिश है तो वो जो भी सजा देेंगे मैं उसे भुगतने के लिए तैयार हूं।

अमर सिंह का कहना है था कि अगर नेता चाहें तो उनकी बलि भी ले सकते हैं। लेकिन, उन्‍हें अपने परिवार में ये साफ कर देना चाहिए कि इस पूरे विवाद में उनका कोई रोल नहीं है। उनका कहना है कि अगर लोगों को लगता है कि मैंने ये झगड़ा भड़काया है तो उसे साफ तौर पर कह दें नहीं तो ये भी स्‍पष्‍ट कर दें कि ऐसा नहीं है। लेकिन, मुझे जीने दें। उधर, समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल ने अखिलेश यादव को पार्टी का नया अध्‍यक्ष चुने जाने पर उन्‍हें बधाई दी है। उनका कहना है कि अखिलेश नेता जी बेटे हैं। वो उनकी छत्रछाया में काम करेंगे। जाहिर है समाजवादी पार्टी और परिवार का ये झगड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जिसमें अब ये देखना बेहद दिलचस्‍प होगा अब ऊंट किस करवट बैठता है।

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