नए साल पर पाकिस्तान को झटका, अमेरिका ने लगाई पाबंदी !!

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पाकिस्तान के ये 7 प्रतिष्ठान अमेरिकी नियमों के हिसाब से उसके खिलाफ काम करते पाए गए थे।

New Delhi, Jan 01 : आतंकवाद को शह देने और हथियारों का जखीरा बढ़ा रहे पाकिस्तान का वक्त कुछ महीनों से ठीक नहीं चल रहा, उसे एक के बाद एक झटके लगते जा रहे हैं और ये उसकी करतूतों की वजह से ही हैं। भारत के प्रति दुश्मनी रखने वाला पाकिस्तान लगातार अपने हथियारों के जखीरे को बढ़ाता जा रहा था, लेकिन दुनिया के ताकतवर मुल्क अमेरिका ने पाकिस्तान के मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े सात प्रतिष्ठानों पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग की आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक एक्सपोर्ट एडिमिनिस्ट्रेशन रेगुलेशंस (ईएआर) की सूची में शामिल किए गए प्रतिष्ठानों पर ये पाबंदी अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा या विदेश नीति के हितों के उलट काम करने के लिए लगाई है।

पाकिस्‍तानी अखबार ‘डॉन’ में प्रकाशित खबर के मुताबिक इन सात प्रतिबंधित प्रतिष्ठानों में अहद इंटरनेशनल, एयर वेपन्स कॉम्‍प्‍लेक्‍स, इंजीनियरिंग सोल्यूशन्‍स प्राइवेट लिमिटेड, मैरीटाइम टेक्‍नॉलजी कॉम्‍प्‍लेक्‍स, नेशनल इंजीनियरिंग एंड साइंटिफिक कमीशन, न्यू ऑटो इंजीनियरिंग और यूनीवर्सल टूलिंग सर्विसेज शामिल हैं। nawaz-sharif, नवाज शरीफहालांकि अखबार ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वह इस बात का सत्यापन नहीं कर पा रहा कि अमेरिकी अधिसूचना में दिए गए नाम या पते सही हैं और ये किसी भी रूप में पाकिस्तान के मिसाइल कार्यक्रम से संबंधित हैं।

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पाकिस्तान हमेशा से अपने परमाणु या मिसाइल कार्यक्रम में किसी भी तरह की गड़बड़ी की बात से इनकार ही किया है, लेकिन अमेरिकी पाबंदी से उसकी पोल खुल गई है। US-President-Barack-Obama, ओबामाअधिसूचना के मुताबिक अमेरिकी सरकार ने इस बात की ठोस वजहें पाईं कि पाकिस्तान के ये सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी प्रतिष्ठान, अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा या विदेश नीति के खिलाफ गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं। इन सात संस्थानों का आचरण एक्सपोर्ट एडिमिनिस्ट्रेशन रेगुलेशंस (ईएआर)के मुताबिक ठीक नहीं पाया गया था।

पाकिस्तान के प्रतिष्ठानों पर लगाए गए ये प्रतिबंध काफी मायने रखते हैं क्योंकि पाकिस्तान लगातार हथियारों का जखीरा बढ़ाने में लगा हुआ है। पिछले दिनों उसके नए परमाणु ठिकाने के बारे में भी पता चला था जो कि राजधानी इस्लामाबाद से कुछ ही दूरी पर है और काफी छिपा कर बनाया गया है। इसमें काम भी बहुत ही गुपचुप तरीके से किया जाता है, जिससे कि दुनिया को इसका पता नहीं चल सके। वैज्ञानिकों की टीम ने सैटेलाइट तस्वीरों और अन्य स्रोतों से मिली जानकारी का मिलान करके इसका पता लगाया था। पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम हो या फिर मिसाइल कार्यक्रम ये पूरी दुनिया के लिए खतरनाक हैं क्योंकि पाकिस्तान में आतंकवादियों का दबाव सरकार पर भी रहता है और कब ये हथियार आतंकवादियों के हाथ लग जाएं कहा नहीं जा सकता।

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