बड़ा फैसला : सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट से चीफ को किआ आउट !! आखिर कैसे ?

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बीसीसीआई और लोढ़ा कमेटी की रार यहां तक आ पहुंची है कि दिखने लगा है कि भारतीय क्रिकेट का पतन शुरू होने लगा है। आखिर कैसे ? पढ़िए ये खबर…

New Delhi, Jan 02 : बीसीसीआई और लोढ़ा कमेटी के बीच चल रही खींचतान आखिरकार कोर्ट पहुंची और इसका नतीजा ये हुआ कि बीसीसीआई के हुक्मरान को अपनी गद्दी गंवानी पड़ी। एक साल से भी ज्यादा वक्त हो गया है, जब लोढ़ा कमेटी ने बीसीसीआई के कामकाज पर सवाल खड़े कर डाले थे।लगातार लोढ़ा पैनल की सिफारिशों को नजरअंदाज करने का फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों के लिए अब किसी मुश्किल से कम नहीं है। आपको याद होगा लोढ़ा पैनल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि बीसीसीआई के अधिकारी उनकी बात मानने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट से बीसीसीआई को फटकार भी मिली थी, लेकिन सप्रीम कोर्ट ने ही इस मामले में कड़ा फैसला कर डाला है।

कोर्ट ने आखिरकार अपना फैसला सुनाते हुए सभी को सन्न कर दिया। कोर्ट ने भारतीय बीसीसीआई के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के को पद से बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने बीसीसीआई को अवमानना नोटिस भी जारी किया है। कोर्ट ने कहा है कि आखिर लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों और आदेश के बाद भी बोर्ड ने अड़ियल रवैया क्यों अपनाया है। लोढ़ा पैनल ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट में कहा था कि बीसीसाई के बड़े अधिकारियों को पद से बर्खास्त कर लिया जाए। इसके साथ ही इस स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया था कि तब तक पूर्व गृह सचिव जी के पिल्लई से बोर्ड का कामकाज चलवाया जाए। आखिरकार कहा जा सकता है कि कोर्ट के सुप्रीम फैसले से बीसीसीआई में हाहाकार मच गया है।

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आपको बता दें कि जब सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई को फटकार लगाई थी तो उस वक्त अधिकारियों ने कोर्ट में बात तो मान ली, लेकिन उसके बाद कहा कि राज्य के क्रिकेट संघ लोढ़ा पैनल की सिफारिशें मानने से इनकार कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई में हो रही वित्तीय अनियमितताओं को देखते हुए  लोढ़ा पैनल का गठन किया था, जिसकी कमान जस्टिस आर एम लोढ़ा संभाल रहे हैं। कुल मिलाकर ये लड़ाई अब बहुत आगे बढ़ गई। इससे पहले लोढ़ा पैनल ने कहा था कि बीसीसीआई का कोई भी अधिकारी उनकी सिफारिश को मान नहीं रहा है, जिस वजह से इन पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई को कहा था कि बोर्ड खुद को भगवान समझने की गलती बिल्कुल भी ना करे।

दिख रहा था कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड लोढ़ा पैनल की बात मानने को राजी नहीं था और इस बीच स्टेट एसोसिएशंस का नाम लेकर बोर्ड ने इस आग में घी डालने का भी काम कर दिया । इस बीच कोर्ट द्वारा लिया गया फैसला साफ कर रहा है कि बीसीसीआई की दादागीरी अब नहीं चल सकेगी। कोर्ट ने इसके अलावा अनुराग ठाकुर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है और पूछा है कि आखिर क्यों नए नियमों को लागू नहीं किया गया। अब माना जा रहा है कि कोर्ट के फैसले के बाद से बीसीसीआई में भी हड़कंप मच गया है। वित्तीय अनियमितताओं और अपने अड़ियल रवैये की वजह से बोर्ड को आखिरकार इतनी बड़ी मार झेलनी पड़ रही है। अब देखना है कि आगे बीसीसीआई अब क्या कदम उठाता है।

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