आतंकवाद पर सबसे बड़ा सर्वे : नवाज शरीफ की नींद उड़ गयी , पाकिस्तानी मोदी के साथ हुआ !!

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पाकिस्तान की बहुसंख्यक जनता मानती है कि बातचीत से ही दोनों पड़ोसी देश आपसी दुश्मनी को खत्म कर सकते हैं।

New Delhi, Jan 08 : पिछले करीब एक साल से पाकिस्तान जिस नफरत के रास्ते पर चल रहा है और जिस तरह से उसने आतंकवादियों को भेज कर भारत में हमले कराए उससे दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहद खराब दौर में चले गए हैं। उड़ी के आतंकवादी हमले ने हालात को और भी खराब कर दिया, फिर पाकिस्तान की तरफ से सीमा पर की जा रही लगातार फायरिंग की घटनाओं ने घुसपैठ ने भारत और पाकिस्तान के आपसी रिश्तों को और भी बदतर कर दिया। सीमा पर तनाव इतना बढ़ गया कि ऐसा लगने लगा कि शायद नौबत युद्ध तक पहुंच जाएगी, लेकिन इतने खराब माहौल के बावजूद पाकिस्तान का बहुमत भारत के साथ बातचीत कर विवाद सुलझाने के पक्ष में है।

एक ताजा सर्वे में सामने आया है कि दो-तिहाई से ज्यादा करीब 68 फीसदी पाकिस्तानी नागरिक चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत हो। उनका मानना है कि आपसी बातचीत से ही दोनों पड़ोसी देश आपसी दुश्मनी को खत्म कर सकते हैं। ये सर्वे गैलप इंटरनेशनल से संबंधित गैलप पाकिस्तान ने कराया है और गिलानी रिसर्च फाउंडेशन ने इस सर्वे के नतीजों को प्रकाशित किया है। इस सर्वेक्षण में1,835 पुरुषों और महिलाओं को शामिल किया गया। ये सभी पाकिस्तान के 4 प्रांतों- पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर-पख्तूनख्वा के रहने वाले हैं। सर्वे में शहरी और ग्रामीण  दोनों ही इलाकों के लोगों को शामिल किया गया।

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इस सर्वे में शामिल हुए लोगों से एक ही सवाल पूछा गया कि वे भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाली बातचीत के पक्ष में हैं या इसके विरोधी हैं। 68 फीसदी लोगों ने दोनों देशों के बीच बातचीत से आपसी विवाद सुलझाने की पहल को अपना समर्थन दिया। modi-चंदूसर्वे में शामिल करीब 31 फीसदी लोगों ने भारत के साथ बातचीत का विरोध किया, जबकि 1 फीसदी लोगों ने कोई राय नहीं दी। पाकिस्तान में यह सर्वे 26 सितंबर से 3 अक्टूबर 2016 के बीच कराया गया।

जाहिर है कि पाक के बहुसंख्यक लोगों की राय उन कट्टरपंथियों और आतंकवादियों के खिलाफ है जो कि किसी ना किसी बहाने भारत के साथ अच्छे रिश्तों की खिलाफत करते रहते हैं, nawaz-sharif-2, पाकिस्तानऐसे ही लोग आतंकवाद को बढ़ावा देकर भारत में हमले कराते हैं ताकि रिश्ते बिगड़े रहें और उनकी राजनीतिक रोटियां नफरत की आग में सिंकती रहें। पाक में ये सर्वे करने वाला गिलानी रिसर्च फाउंडेशन एक एनजीओ है जो छात्रों, शिक्षण संस्थाओं, नीति निर्माताओं के लिए शोध करता है और उन्हें आंकड़े उपलब्ध कराता है।

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