अगर कोई आपसे पूछे मोदी क्यूँ पसंद है ?? तो ये दिखा देना !!

शनिवार को बीजेपी की नेशनल एग्जीक्यूटिव की मीटिंग के दूसरे दिन नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए . उन्होंने पार्टी नेताओं को कहा कि परिवार के सदस्यों के लिए वे टिकट का दबाव न बनाएं . उन्होंने कहा पार्टी में किसी भी तरह के भाई-भतीजावाद को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा . पार्टी सही उम्मीदवारों को ही टिकट देगी . उन्होंने पॉलिटिक्स और चुनावी चंदे में ट्रांसपेरेंसी पर भी जोर दिया और कहा पार्टियों को अपनी फंडिंग का ब्योरा पब्लिक करना चाहिए ताकि आम लोग भी जान सकें कि यह पैसा कहां से आता है .

खबरों के अनुसार बीजेपी की इस मीटिंग में 5 राज्यों की चुनावी रणनीति पर विचार किया गया . मोदी जी ने कहा कि अब तक पार्टियों ने गरीबों को सिर्फ चुनाव जीतने का जरिया समझा है . गरीबों को वोट बैंक न समझें . नोटबंदी ,बेटी पढ़ाओ और जन-धन के सभी फैसलों को जनता ने पूरा समर्थन दिया है . दरअसल बीजेपी में 2014 लोकसभा चुनाव में जमकर परिवारवाद चला था मेनका गांधी के बेटे वरुण गांधी , यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत , वसुंधरा राजे सिंधिया भी बेटे दुष्यंत सिंह, हिमाचल के पूर्व सीएम प्रेमकुमार धूमल के बेटे अनुराग ठाकुर को टिकट दिया गया था . बता दें कि लोकसभा में 40 से कम उम्र वाले दो तिहाई सांसद किसी न किसी नेता के रिश्तेदार हैं .

दरअसल यूपी में दो ही फैक्टर सबसे अहम है-जातिवाद और परिवारवाद . 403 विधानसभा सीटों में से इस बार 40 % सीटें ऐसी हैं . जहां नेता अपने बेटे ,पत्नी या किसी अन्य रिश्तेदार के लिए टिकट मांग रहे हैं . बीजेपी, कांग्रेस, एसपी और बीएसपी सभी पार्टियों में यही हाल है .
2015-16 में देश के 7 राजनीतिक दलों को मिलने वाले 20 हजार रुपए से अधिक चंदे में भारी गिरावट आई है . एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार ये रकम 2014-15 के मुकाबले 84% कम है . बीजेपी को सबसे ज्यादा 76 करोड़ रुपए चंदा मिला है . यह कुल चंदे का करीब 75% है . कांग्रेस को सबसे ज्यादा 1.17 करोड़ रुपए कैश मिले हैं . यह कुल डोनेशन का 6% है . कॉरपोरेट डोनेशन में बीजेपी को सबसे ज्यादा 67.99 करोड़ रुपए का डोनेशन मिला . यह कुल चंदे का 88% है . जबकि कांग्रेस को 8.83 करोड़ रुपए मिले है .

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