राज की बात : अब ज़मीन में गड़ा धन भी आ जाएगा मोदी के पास लेकिन कैसे ??

अगर जमीन में भी गडा होगा रुपया, समुन्द्र में गल गया होगा या गंगा में बह गया होगा तो वो अपने आप चला आएगा भारत सरकार के पास. वो कैसे आज हम आपको बताते है.

करेंसी यानी रूपए की मोनिटरिंग और प्रिंटींग के बारे में ज्यादा लोग जानते नहीं है. नोटबंदी के बाद कुछ लोगों का मानना है कि हजारों करोड़ों रूपए का कालाधन तैखाने में पड़े पड़े ही बेकार हो जाएगा क्यूंकि बेईमान और भ्रष्टाचारी लोग उसे जेल जाने के डर से बहार नहीं निकालेंगे. ऐसे में अगर इतना रूपया जमीन में दबे दबे ही खराब हो जायेगा तो उससे देश का नुक्सान हो जायेगा. लोगों की यह राय पूरी तरह से गलत है और ऐसे लोगों को पूरी जानकारी नहीं है.

सच बात तो यह है कि जितना धन जमीन में दबा रहेगा देश को उतना ही फायदा होंगा. अगर जमीन में एक लाख करोड़ रूपया का धन दबा होगा तो देश को एक लाख करोड़ रूपए का फायदा होगा. अगर जमीन में दस लाख करोड़ रूपया का धन दबा होगा तो देश को दस लाख करोड़ रूपए का फायदा होगा. यह पैसा अपने आप बिना मेहनत के केंद्र सरकार के खजाने में आ जाएगा और इन्हीं पैसों से देश का विकास होगा.

रिज़र्व बैंक जब नोट छापता है तो उसपर एक सीरियल नंबर होता है. उसी सीरियल नंबर से रूपए की मोनिटरिंग होती है. जब नोट चलन में होता है तो रिज़र्व को पता होता है. जब रूपया चलन से बहार होता है तो भी रिज़र्व बैंक को पता होता हैं. लेकिन क़ानूनी तौर पर रिज़र्व बैंक कुछ नहीं कर सकता क्यूंकि अगर ऐसे में रिज़र्व बैंक उसी सीरियल नंबर का दूसरा नोट छाप देगा तो डुप्लीकेशन हो जाएगा.

इसके बारे में ओर ज्यादा जानकारी लेने के लिए नीचे दी गयी विडियो देखें.

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