By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Bebak NewsBebak News
  • उत्तराखंड
  • पॉलिटिक्स
  • आस्था
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: प्राधिकरण की कार्यवाही पर पहले ही आईपीएस ने जताई थी आशंका
Share
Sign In
Notification Show More
Aa
Bebak NewsBebak News
Aa
  • उत्तराखंड
  • आस्था
Search
  • उत्तराखंड
  • पॉलिटिक्स
  • आस्था
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2024 Bebak News. All Rights Reserved. | Developed By:Tech Yard Labs
Bebak News > Blog > उत्तराखंड > प्राधिकरण की कार्यवाही पर पहले ही आईपीएस ने जताई थी आशंका
उत्तराखंड

प्राधिकरण की कार्यवाही पर पहले ही आईपीएस ने जताई थी आशंका

Aarti Verma
Last updated: 2026/03/17 at 12:58 PM
Aarti Verma
Share
5 Min Read
SHARE

रिपोर्टर : आरती वर्मा,

फैसले से पहले मीडिया में होता रहा ट्रायल

प्राधिकरण की कार्यवाही पर पहले ही आईपीएस ने जताई थी आशंका

दोषी पांच लेकिन केवल एक आईपीएस पर कार्यवाही की संस्तुति

आईपीएस पर कार्यवाही एक साजिश तो नहीं

प्रमुख संवाददाता

देहरादून। उत्तराखण्ड में राजधानी के तत्कालीन पुलिस कप्तान के खिलाफ न्यायिक प्राधिकरण में एक सुनवाई चल रही थी और इस सुनवाई के दौरान ही आईपीएस ने आशंका व्यक्त कर दी थी कि समस्त प्रक्रिया आंतरिम एवं विभागीय राजनीति का परिणाम है क्योंकि प्राधिकरण के एक सदस्य जो प्रकरण की सुनवाई कर रहे थे उनके स्वयं के अनुज भाई पीडिता के वकील थे। हालांकि आईपीएस की आपत्ति के बाद उन्होंने अपने आपको कार्यवाही से पृथक किया था। हैरानी वाली बात यह है कि न्यायिक प्राधिकरण का फैसला आने से पहले ही मीडिया में जिस तरह से इस मामले को लेकर ट्रायल चल रहा था उसने प्राधिकरण की कार्यशैली पर एक बडा प्रश्नचिन्ह लगाकर रख दिया है?

j

गजब की बात तो यह है कि प्राधिकरण ने इस मामले में पांच अधिकारियों को दोषी पाया लेकिन एक आईपीएस के विरूद्व ही कार्यवाही की संस्तुति की गई जो प्राधिकरण पर उंगली उठा रहा है? आईपीएस के प्रतिनिधि ने भी दो टूक कहा कि उन्हें भी मीडिया से जानकारी मिली है, आश्चर्यजनक बात यह है कि किसी भी पीडित पक्ष को प्राधिकरण से न तो आदेश की सत्यप्रति प्राप्त हुई है न ही इसकी कोई औपचारिक सूचना है।

उल्लेखनीय है कि चंद दिन पूर्व मीडिया में खबर प्रसारित हुई कि चार साल पहले क्लेमंटाउन सुभाष रोड स्थित एक कोठी पर जेसीबी चलाकर भूमाफियाओं द्वारा कब्जा करने के प्रयास मामले में राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने एक बडा फैसला दिया है। इस बहुचर्चित मामले में प्राधिकरण ने तत्कालीन एसएसपी जन्मेयजय खण्डूरी, तत्कालीन थाना प्रभारी नरेन्द्र गहलावत के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति कर रिपोर्ट शासन को भेजी है। तत्कालीन एसएसपी जन्मेयजय खण्डूरी के प्रतिनिधि वरिष्ठ अधिवक्ता योगेश सेठी ने बताया कि हमे आदेश की जानकारी मिली है वह मीडिया में प्रसारित समाचारों से मिली है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि किसी भी पीडित पक्ष को प्राधिकरण से न ही सत्यप्रति प्राप्त हुई है और न ही इसकी कोई औपचारिक सूचना है। उन्होंने कहा कि निर्णय के सभी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। इसमें अग्रिम कार्यवाही की जायेगी। प्रथम दृष्टता आदेश विधिक एवं प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के प्रतिकूल है उन्होंने कहा कि न्यायिक प्राधिकरण के किसी भी आदेश को लेकर स्वयं साक्षात्कार बयान देना न्याययिक प्रक्रिया एवं परम्परा दोनो के विरूद्व है।

विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तत्कालीन पुलिस कप्तान जन्मेयजय खण्डूरी द्वारा प्रथम अवसर पर ही यह आशंका व्यक्त कर दी गई थी कि समस्त प्रक्रिया आंतरिम एवं विभागीय राजनीति का परिणाम है क्योंकि प्राधिकरण के एक सदस्य जो प्रकरण की सुनवाई कर रहे थे उनके स्वंय उनके अनुज भाई पीडिता के वकील थे हालांकि आपत्ति के बाद उन्होंने कार्यवाही से स्वयं को अलग किया था। आईपीएस के प्रतिनिधि योगेश सेठी का कहना है कि निर्णय की प्रति प्राप्त होने के बाद आगे की कार्यवाही अवश्य की जायेगी क्योंकि सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं। सबसे हैरान करने वाली बात है कि इस मामले में पांच अधिकारियों को दोषी होने की बात कही जा रही है लेकिन कार्यवाही की संस्तुति अगर एक आईपीएस के विरूद्व की गई है तो यह कई सवालों को जन्म जरूर देगा? सवाल यह भी है कि इस मामले में आदेश पारित होने के काफी पहले से इसका मीडिया ट्रायल आखिर कौन और कैसे कर रहा था यह भी कई आशंकाओं को जन्म दे रहा है। उत्तराखण्ड के अन्दर एक बार फिर यह बहस छेड दी है कि जिस तरह से राज्य के कुछ आईपीएस अधिकारियों के बीच आपसी टकरार होने की चर्चाएं लम्बे समय से उठती आ रही हैं कहीं यह सारी कार्यवाही उसी तकरार का कोई हिस्सा तो नहीं है?

आईपीएस जन्मेयजय खण्डूरी के प्रतिनिधि योगेश सेठी का कहना है कि वह प्राधिकरण का आदेश मिलने के बाद इसका पूरा अध्ययन करेंगे और न्यायिक प्राधिकरण का यह फैसला कई शंकाओं को जन्म दे रहा है इसलिए वह इस आदेश को पढने के बाद अपने अगले कदम को आगे बढ़ायेंगे।

You Might Also Like

बड़ी खबर : प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 10 अक्टूबर तक येलो अलर्ट…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेक प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

एड्स जागरूकता को लेकर देहरादून में हुआ ‘रेड रन’ मैराथन का आयोजन…

सहस्त्रधारा में 50 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, तीन घायल सुरक्षित रेस्क्यू

TAGGED: Dehradun news uttrakhand news
Aarti Verma March 17, 2026 March 17, 2026
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link Print
Share
Previous Article जून से पहले चालू होगा भवाली-रातिघाट बाईपास, मुख्य सचिव ने किया स्थलीय निरीक्षण
Next Article ऊर्जा विभाग के आला अफसरों को दिखाया बाहर का रास्ता
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advt.

Latest News

बड़ी खबर : प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 10 अक्टूबर तक येलो अलर्ट…
उत्तराखंड October 5, 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
उत्तराखंड October 5, 2026
मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेक प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की
उत्तराखंड October 5, 2026
एड्स जागरूकता को लेकर देहरादून में हुआ ‘रेड रन’ मैराथन का आयोजन…
उत्तराखंड October 4, 2026
सहस्त्रधारा में 50 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, तीन घायल सुरक्षित रेस्क्यू
उत्तराखंड October 3, 2026
Bebak NewsBebak News
Follow US
© 2024 Bebak News. All Rights Reserved. | Developed By:Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?