चमन लाल महाविद्यालय के शिक्षक डॉ. नीशू कुमार को शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने देवभूमि शिक्षा उत्कृष्टता अवार्ड से किया सम्मानित
हरिद्वार।
डॉ. नीशू कुमार, चमन लाल महाविद्यालय (स्वायत्त) के राजनीति विज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर, को “देवभूमि शिक्षा उत्कृष्टता अवार्ड” से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान डॉ. धन सिंह रावत द्वारा हल्द्वानी में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में प्रदान किया गया। उन्हें नवाचारी शोध कार्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध-पत्रों के प्रकाशन, प्रोजेक्ट रिसर्च, छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धति, स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े शैक्षणिक प्रयासों के लिए यह पुरस्कार दिया गया।
कार्यक्रम का आयोजन हल्द्वानी में अमर उजाला, एम.आई.टी. कुमाऊं एवं एस.आई.सी. देवभूमि फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शोध, नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों, प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों को प्रोत्साहित करना तथा शिक्षा में प्रयोगात्मक और नवाचार आधारित दृष्टिकोण को बढ़ावा देना था।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, प्रयोगात्मक शिक्षण और नवाचार की संस्कृति विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु शोध आधारित और प्रयोगशाला आधारित शिक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर नवीन चंद्र लोहनी, कुलपति, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय तथा प्रोफेसर दीवान सिंह बिष्ट, कुलपति, कुमायूं विश्वविद्यालय उपस्थित रहे। दोनों कुलपतियों ने शिक्षा में नवाचार, शोध उन्मुखता तथा विद्यार्थियों के कौशल विकास पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम में प्रदेश के 13 जिलों से चयनित 50 विद्यालय शिक्षकों, 15 उच्च शिक्षा संस्थानों के प्रोफेसरों तथा 10 वैज्ञानिक शोधार्थियों को उनके शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार एवं सामाजिक योगदान के लिए “देवभूमि शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। इन्हीं सम्मानित शिक्षकों में डॉ. नीशू कुमार को भी विशेष रूप से उनके बहुआयामी शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
डॉ. कुमार ने विद्यार्थियों में शोध प्रवृत्ति विकसित करने, प्रोजेक्ट आधारित अधिगम, सेमिनार एवं कार्यशालाओं के आयोजन तथा समाज सेवा से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को जागरूक एवं सक्षम बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी उन्हें माननीय मुख्यमंत्री द्वारा “टीचर ऑफ द ईयर” सम्मान से नवाजा जा चुका है।
महाविद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पंडित रामकुमार शर्मा ने कहा कि यह सम्मान न केवल महाविद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है तथा डॉ. कुमार का समर्पण अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुशील उपाध्याय ने कहा कि डॉ. नीशू कुमार का यह सम्मान महाविद्यालय परिवार के लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि डॉ. कुमार निरंतर शोध, नवाचार और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उनका यह सम्मान संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता और उत्कृष्टता का प्रतीक है।
कार्यक्रम के अंतर्गत “देवभूमि लिटिल साइंटिस्ट” प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालयी छात्र-छात्राओं ने विज्ञान नवाचार एवं समस्या-समाधान आधारित गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्रों ने प्रोजेक्ट प्रदर्शन, नवाचार के प्रोटोटाइप, आइडिया पोस्टर एवं प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी रचनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया।
गौरतलब है कि इस राज्य स्तरीय सम्मान के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 जनवरी निर्धारित की गई थी। लगभग 200 प्रतिभागियों ने आवेदन किया, जिनमें से चयन प्रक्रिया के उपरांत उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों एवं शोधार्थियों को सम्मानित किया गया। महाविद्यालय के समस्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने डॉ. नीशू कुमार को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।


