आत्मबोध से ही परमात्मा की अनुभूति संभव, युवाओं को मिला आध्यात्मिक जीवन का संदेश
ऋषिकेश में अंग्रेज़ी माध्यम जोनल स्तरीय संत समागम सम्पन्न, संत पी.पी. सिंह ने आत्मचिंतन, ब्रह्मज्ञान, मानव एकता और निःस्वार्थ सेवा का दिया संदेश
डोईवाला– संत निरंकारी मिशन ब्रांच ऋषिकेश में अंग्रेज़ी माध्यम युवा जोनल स्तरीय संत समागम श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। शाहाबाद से पधारे संत पी.पी. सिंह ने सत्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं राजपिता रमित जी का पावन संदेश श्रद्धालुओं तक पहुंचाते हुए युवाओं से आत्मबोध, ब्रह्मज्ञान और परमात्मा से एकत्व के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
जोनल इंचार्ज हरभजन सिंह के दिशा-निर्देशन में आयोजित समागम में ऋषिकेश, ज्वालापुर, विकासनगर, चंबा, नरेंद्रनगर, कोटद्वार, भोगपुर, हरिद्वार, देहरादून, हल्दुखाता, नई टिहरी, रायवाला, मसूरी, रुड़की और प्रेमनगर सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवा एवं श्रद्धालु शामिल हुए।
संत पी.पी. सिंह ने कहा कि ऋषिकेश सदियों से आध्यात्मिक साधना, आत्मचिंतन और ईश्वर से जुड़ने की प्रेरणा का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी तीर्थ का वास्तविक महत्व तभी सार्थक होता है, जब मनुष्य सत्गुरु की कृपा से निराकार परमात्मा की पहचान कर अपने वास्तविक स्वरूप अर्थात आत्मा का बोध प्राप्त करे। उन्होंने कहा कि मनुष्य स्वयं को शरीर, मन या सामाजिक पहचान तक सीमित कर लेता है, जबकि उसकी वास्तविक पहचान शाश्वत आत्मा है, जो परमात्मा का ही अंश है।
उन्होंने कहा कि ब्रह्मज्ञान केवल जानकारी नहीं, बल्कि आत्मा का प्रत्यक्ष अनुभव है। यही अनुभूति मनुष्य को अहंकार, भय, अज्ञान और सांसारिक बंधनों से मुक्त कर प्रेम, विनम्रता और निःस्वार्थ सेवा के मार्ग पर अग्रसर करती है। युवाओं से उन्होंने कहा कि भौतिक उपलब्धियां क्षणिक हैं, जबकि परमात्मा से एकत्व का अनुभव जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। सिमरन, सत्गुरु के मार्गदर्शन और सत्य को जीवन में अपनाकर प्रत्येक व्यक्ति इस दिव्य अनुभूति को प्राप्त कर सकता है तथा मानवता की सेवा में अपना योगदान दे सकता है।

समागम का समापन विश्व शांति, मानव एकता और समस्त मानव जाति के कल्याण की मंगलकामना के साथ हुआ। कार्यक्रम के दौरान पार्किंग, प्याऊ, लंगर एवं स्वच्छता व्यवस्था का दायित्व सेवादल के स्वयंसेवकों ने निभाया। कार्यक्रम का संचालन सुदीक्षा चौहान एवं विकास आर्य ने संयुक्त रूप से किया।


