By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Bebak NewsBebak News
  • उत्तराखंड
  • पॉलिटिक्स
  • आस्था
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: किताबें पढ़ने की आदत को बढ़ावा दें: ‘बुके नहीं बुक दीजिए’—मुख्यमंत्री धामी का आह्वान
Share
Sign In
Notification Show More
Aa
Bebak NewsBebak News
Aa
  • उत्तराखंड
  • आस्था
Search
  • उत्तराखंड
  • पॉलिटिक्स
  • आस्था
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2024 Bebak News. All Rights Reserved. | Developed By:Tech Yard Labs
Bebak News > Blog > उत्तराखंड > किताबें पढ़ने की आदत को बढ़ावा दें: ‘बुके नहीं बुक दीजिए’—मुख्यमंत्री धामी का आह्वान
उत्तराखंड

किताबें पढ़ने की आदत को बढ़ावा दें: ‘बुके नहीं बुक दीजिए’—मुख्यमंत्री धामी का आह्वान

Aarti Verma
Last updated: 2025/11/22 at 8:59 AM
Aarti Verma
Share
7 Min Read
SHARE

किताबें पढ़ने की आदत को बढ़ावा दें: ‘बुके नहीं बुक दीजिए’—मुख्यमंत्री धामी का आह्वान

AI कितना भी उन्नत हो जाए, किताबों का कोई विकल्प नहीं: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

स्थानीय भाषाओं के संरक्षण को सरकार की प्राथमिकता—गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी के डिजिटलाइजेशन पर जोर

मुख्यमंत्री की अपील: घर-विद्यालयों में बढ़ाएँ अपनी बोली-भाषा का उपयोग, नई पीढ़ी को जोड़ें विरासत से

डिजिटल माध्यमों से मजबूत होंगी मातृभाषाएँ, सरकार तैयार कर रही नई पहलें

साहित्य और लोक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी: मुख्यमंत्री धामी

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह रावत की पुस्तक “उत्तराखंड राज्य का नवीन राजनीतिक इतिहास” का किया विमोचन

राज्य की 25 वर्ष की राजनीतिक यात्रा का तथ्यपरक संकलन—मुख्यमंत्री ने पुस्तक की सराहना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रतिष्ठित लेखक जय सिंह रावत द्वारा लिखित पुस्तक “उत्तराखंड राज्य का नवीन राजनीतिक इतिहास” का विमोचन किया। यह पुस्तक उत्तराखंड राज्य के राजनीतिक, प्रशासनिक एवं क्रमिक विकास की संपूर्ण और प्रामाणिक दस्तावेज़ी यात्रा को प्रस्तुत करती है।

कार्यक्रम के शुभारंभ में मुख्यमंत्री ने उपस्थित महानुभावों, लेखकों, पत्रकारों तथा जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए लेखक जय सिंह रावत को इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह रावत ने राज्य के गठन के बाद की 25 वर्षों की राजनीतिक यात्रा को जिस सुसंगतता और प्रमाणिकता के साथ संकलित किया है, वह अत्यंत सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के इतिहास, संस्कृति और लोक परंपराओं पर कई पुस्तकें उपलब्ध हैं, लेकिन राज्य स्थापना के बाद की ढाई दशक की घटनाओं को तथ्यों, दस्तावेजों और विश्लेषण के आधार पर संग्रहित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे लेखक ने उत्कृष्टता के साथ प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि पांच भागों में विभाजित यह पुस्तक शोधार्थियों, विद्यार्थियों और प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य बनने के बाद उत्तराखंड ने एक लंबा राजनीतिक अस्थिरता का दौर भी देखा, जिसका प्रभाव विकास की गति पर पड़ा। रावत ने इस संपूर्ण कालखंड का प्रामाणिक प्रस्तुतिकरण करते हुए दुर्लभ दस्तावेज़ों और प्रेस कतरनों की मदद से एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संकलन तैयार किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “इतिहास लिखना एक गंभीर दायित्व है, जिसमें तथ्य, दृष्टि और ईमानदारी का होना आवश्यक है। रावत ने पत्रकारिता की निष्ठा और निर्भीकता के साथ इस कालखंड को सहेजने का कार्य किया है।”

पुस्तक अध्ययन पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इंटरनेट युग में जानकारी तत्काल उपलब्ध हो जाती है, लेकिन किताबों का महत्व कभी कम नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पुस्तकें हमारे विचारों को गहराई देती हैं और ज्ञान को स्थायी रूप से संजोती हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि—
“किसी भी कार्यक्रम में ‘बुके नहीं, बुक दीजिए’। इससे जहां पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ेगी, वहीं लेखकों को भी प्रेरणा मिलेगी।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस तेज़ी से बदलते दौर में तकनीक का उपयोग आवश्यक है, लेकिन इसके साथ ही अपनी गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं और बोलियों को सुरक्षित रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में भाषा कंटेंट, साहित्य, और लोकपरंपरा से जुड़े कार्यों को बढ़ावा देना चाहिए। सरकार भी इस दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रही है तथा नई पीढ़ी के कंटेंट क्रिएटर के लिए इस दिशा में प्रतियोगिताएं आयोजित कर रही है |

उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर स्थानीय भाषाओं में लेखन, गीत-संग्रह, शोध और डिजिटल कंटेंट तैयार करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन और सम्मान दिए जाने की दिशा में सरकार सतत प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि “भाषा, संस्कृति और रीति–रिवाज़ केवल अभिव्यक्ति के माध्यम नहीं, बल्कि हमारी पहचान और विरासत की नींव हैं। इसलिए आवश्यक है कि हम अपनी बोली-भाषाओं का संरक्षण करें और आने वाली पीढ़ियों में इनके प्रति गर्व की भावना विकसित करें।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की नई पीढ़ी को यह बताना बहुत ज़रूरी है कि हमारे पूर्वजों ने कितनी कठिनाइयों और संघर्षों के बीच अपनी परंपराओं, सामाजिक मूल्यों और भाषा को बचाए रखा। उन्होंने कहा कि जब बच्चे अपनी जड़ों को समझते हैं, तो उनमें आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना मजबूत होती है।

पुस्तक पढ़ने की आदत पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि “AI कितनी भी उन्नत क्यों न हो जाए, पुस्तकों को रिप्लेस करने का कोई अवसर नहीं है। पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि सोचने, समझने और सीखने की एक गहरी प्रक्रिया हैं।”

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने घरों, विद्यालयों और समुदायों में स्थानीय भाषाओं के उपयोग को बढ़ावा दें तथा साहित्य और लोक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भाषा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए अनेक नई पहलें प्रारंभ कर रही है और आगे भी इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय बोली-भाषाओं, साहित्य और पारंपरिक बोलियों के डिजिटलाइजेशन पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं का सांस्कृतिक खजाना सुरक्षित रहे और नई पीढ़ी आसानी से इन तक पहुँच सके।

उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों पर सामग्री उपलब्ध होने से हमारी मातृभाषाएँ न केवल संरक्षित होंगी, बल्कि आधुनिक समय के अनुरूप और अधिक सशक्त रूप में आगे बढ़ेंगी।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक बृज भूषण गैरोला, पत्रकार, साहित्यकार एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

You Might Also Like

आईडीपीएल में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया अहोई अष्टमी का पर्व

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड प्रमुख संगठन सम्मेलन में किया प्रतिभाग, क्षेत्र पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए की चार महत्वपूर्ण घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने खेल महाकुम्भ-2026 एवं मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के समापन समारोह में किया प्रतिभाग

चेकिंग के दौरान पुलिस पर हमला, जवाबी कार्रवाई में दो नकबजन ढेर नहीं, घायल

साइबर अपराधियों पर एसटीएफ का शिकंजा, ₹84.70 लाख की ठगी का आरोपी गिरफ्तार…

TAGGED: Chief Minister Pushkar Singh Dhami, Dehradun news uttrakhand news
Aarti Verma November 22, 2025 November 22, 2025
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link Print
Share
Previous Article आधुनिक सुविधाओं से लैस प्रेमनगर का पहला स्मार्ट पिंक एंड ग्रे-टॉयलेट तैयार
Next Article मंत्री बोले – यह केवल वितरण नहीं सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advt.

Latest News

आईडीपीएल में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया अहोई अष्टमी का पर्व
उत्तराखंड November 1, 2026
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड प्रमुख संगठन सम्मेलन में किया प्रतिभाग, क्षेत्र पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए की चार महत्वपूर्ण घोषणाएं
उत्तराखंड November 1, 2026
मुख्यमंत्री ने खेल महाकुम्भ-2026 एवं मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के समापन समारोह में किया प्रतिभाग
उत्तराखंड November 1, 2026
चुंगी बड़ेथी में ट्रक पलटने से चालक फंसा, रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला
breaking November 1, 2026
चेकिंग के दौरान पुलिस पर हमला, जवाबी कार्रवाई में दो नकबजन ढेर नहीं, घायल
उत्तराखंड क्राइम November 1, 2026
Bebak NewsBebak News
Follow US
© 2024 Bebak News. All Rights Reserved. | Developed By:Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?