By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Bebak NewsBebak News
  • उत्तराखंड
  • पॉलिटिक्स
  • आस्था
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के विशिष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाए : मुख्यमंत्री
Share
Sign In
Notification Show More
Aa
Bebak NewsBebak News
Aa
  • उत्तराखंड
  • आस्था
Search
  • उत्तराखंड
  • पॉलिटिक्स
  • आस्था
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2024 Bebak News. All Rights Reserved. | Developed By:Tech Yard Labs
Bebak News > Blog > उत्तराखंड > ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के विशिष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाए : मुख्यमंत्री
उत्तराखंडस्वास्थ्य

ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के विशिष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाए : मुख्यमंत्री

Aarti Verma
Last updated: 2026/09/11 at 11:13 AM
Aarti Verma
Share
4 Min Read
SHARE

ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के विशिष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाए : मुख्यमंत्री

आयुर्वेद, मेडिकल टूरिज्म, योग, ज्योतिष और वैदिक गणित को मिले विशेष प्रमुखता

प्राच्य एवं पारंपरिक स्थापत्य स्वरूप के साथ आधुनिकतम व्यवस्थाओं का हो समन्वय

सभी कार्य चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से दो वर्ष में किए जाएं पूर्ण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में हरिद्वार स्थित मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान, ऋषिकुल के समग्र विकास से संबंधित प्रस्तावित मास्टर प्लान की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष संस्थान के प्रस्तावित स्वरूप एवं विभिन्न गतिविधियों से संबंधित प्रस्तुतीकरण किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। इसके समग्र विकास में आयुर्वेद, मेडिकल टूरिज्म, योग, ज्योतिष और वैदिक गणित को विशेष प्रमुखता दी जाए। इन क्षेत्रों में उच्च स्तरीय शैक्षणिक, शोध एवं अध्ययन की व्यवस्थाएं विकसित की जाएं, जिससे यह संस्थान भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शोध के बीच प्रभावी सेतु बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष, योग और संस्कृत देवभूमि उत्तराखण्ड की प्रमुख पहचान हैं। राज्य की इस विशिष्ट पहचान को ऋषिकुल के विकास में प्रमुखता से प्रतिबिंबित किया जाए। संस्थान में विकसित होने वाली शैक्षणिक गतिविधियां उच्च स्तरीय हों तथा यहां भारतीय ज्ञान, प्राच्य विद्याओं, आयुर्वेद और योग से संबंधित अध्ययन एवं शोध के लिए उत्कृष्ट वातावरण तैयार किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परिसर का वास्तुशिल्प प्राच्य एवं पारंपरिक स्थापत्य शैली के अनुरूप हो। भवनों के बाह्य स्वरूप और फसाड में प्राचीन स्थापत्य परंपरा की झलक दिखाई दे, जबकि परिसर में उपलब्ध कराई जाने वाली व्यवस्थाएं एवं सुविधाएं आधुनिकतम हों। उन्होंने कहा कि प्राचीनता और आधुनिकता के संतुलित समन्वय से परिसर की विशिष्ट पहचान विकसित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के प्रत्येक पहलू में इसकी मूल अवधारणा स्पष्ट रूप से दिखाई दे। संपूर्ण परिसर को इस प्रकार विकसित किया जाए कि यहां आने वाले लोगों को भारतीय संस्कृति, ज्ञान और अध्यात्म की अनुभूति हो तथा यह उन्हें आध्यात्मिक, भौतिक और भावनात्मक रूप से आकर्षित करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां गंगा के कारण हरिद्वार का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। देश-दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक हरिद्वार आते हैं। इसलिए ऋषिकुल के विकास की अवधारणा में हरिद्वार की इस विशिष्टता को केंद्र में रखा जाए। यहां आने वाले लोगों को भारतीय ज्ञान परंपरा, आयुर्वेद, योग और अध्यात्म की समृद्ध विरासत को जानने और अनुभव करने का अवसर मिले।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना से संबंधित सभी कार्यों को समयबद्ध किया जाए। विभिन्न कार्यों के लिए स्पष्ट चरण और समय-सीमा निर्धारित करते हुए इन्हें चरणबद्ध तरीके से दो वर्ष के भीतर पूर्ण किया जाए।

उन्होंने कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। प्रस्तुतीकरण में ऋषिकुल को योग एवं ध्यान, उच्च स्तरीय शैक्षणिक गतिविधियों, आयुर्वेद एवं समग्र स्वास्थ्य, भारतीय दर्शन, वैदिक एवं शास्त्रीय अध्ययन, कला-संस्कृति तथा शोध गतिविधियों के समन्वित केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना प्रस्तुत की गई। प्रस्तावित मास्टर प्लान में अकादमिक, योग एवं ध्यान, आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं वेलनेस सहित विभिन्न क्षेत्रों के समग्र विकास की अवधारणा रखी गई है।

बैठक में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन,प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव धीराज गर्ब्याल, दीपक कुमार, युगल किशोर पंत, रंजना राजगुरू, उपाध्यक्ष हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण सोनिका, अपर सचिव अभिषेक रुहेला एवं वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित उपस्थित थे।

You Might Also Like

छात्रावासों में डिजिटल क्लासरूम और आधुनिक लाइब्रेरी से हाईटेक होगी शिक्षा

‘स्वच्छता अभियान 6.0’ के अंतर्गत केंद्रीय संचार ब्यूरो, देहरादून ने पर्यावरण मित्रों को किया सम्मानित

बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल में बनेगा शिक्षक पैनल, दो महिला और दो पुरुष शिक्षक होंगे शामिल

विशेष दिव्यांग शिविरों में 150 दिव्यांगजनों को जारी किए गए दिव्यांगता प्रमाण पत्र

मसूरी विन्टरलाईन कार्निवाल-2026 को भव्य आयोजन को लेकर जिला प्रशासन शुरू की तैयारियां

TAGGED: Chief Minister Pushkar Singh Dhami, Dehradun news uttrakhand news, Health news
Aarti Verma September 11, 2026 September 11, 2026
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link Print
Share
Previous Article देहरादून बार एसोसिएशन को जल्द मिलेगा अपना प्रोफेशनल ऑफिस भवन,
Next Article अभियान के तहत नागरिकों को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ा जाएगा
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advt.

Latest News

छात्रावासों में डिजिटल क्लासरूम और आधुनिक लाइब्रेरी से हाईटेक होगी शिक्षा
उत्तराखंड October 30, 2026
‘स्वच्छता अभियान 6.0’ के अंतर्गत केंद्रीय संचार ब्यूरो, देहरादून ने पर्यावरण मित्रों को किया सम्मानित
उत्तराखंड October 30, 2026
बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल में बनेगा शिक्षक पैनल, दो महिला और दो पुरुष शिक्षक होंगे शामिल
उत्तराखंड October 30, 2026
विशेष दिव्यांग शिविरों में 150 दिव्यांगजनों को जारी किए गए दिव्यांगता प्रमाण पत्र
उत्तराखंड October 30, 2026
मसूरी विन्टरलाईन कार्निवाल-2026 को भव्य आयोजन को लेकर जिला प्रशासन शुरू की तैयारियां
उत्तराखंड October 29, 2026
Bebak NewsBebak News
Follow US
© 2024 Bebak News. All Rights Reserved. | Developed By:Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?