Bharat Gupta
लेखक गाँव में रस्किन बॉन्ड फेस्टिवल: साहित्य, कला और लोक संस्कृति का भव्य उत्सव
भारत के पहले लेखक गाँव में शब्दों और संवेदनाओं का संगम, डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ और डॉ. किरण बेदी ने बताया साहित्य को समाज निर्माण की शक्ति
डोईवाला – भारत के पहले लेखक गाँव में विश्वविख्यात साहित्यकार रस्किन बॉन्ड के नाम समर्पित रस्किन बॉन्ड फेस्टिवल साहित्य, कला, संगीत और लोक संस्कृति का यादगार उत्सव बनकर सामने आया। द रस्किन बॉन्ड फाउंडेशन और स्टोनएक्स ग्लोबल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में देशभर से साहित्यप्रेमी, कलाकार, शिक्षक और विद्यार्थी बड़ी संख्या में जुटे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि साहित्य समाज को दिशा देने का सशक्त माध्यम है और रस्किन बॉन्ड जैसे रचनाकार पीढ़ियों को संवेदनशील बनाते हैं। उन्होंने युवाओं से पुस्तकों और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी ने लेखक गाँव की अवधारणा की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक स्थान नहीं, बल्कि रचनात्मक चेतना और सामाजिक जागरूकता का केंद्र है, जहाँ कहानियाँ व्यक्तित्व निर्माण का कार्य करती हैं।
महोत्सव के दौरान रस्किन बॉन्ड के जीवन और लेखन यात्रा पर आधारित विशेष फिल्म “मास्टरी” का प्रदर्शन किया गया, जिसमें प्रकृति प्रेम और हिमालय से उनके गहरे जुड़ाव को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कवयित्री प्रिया मलिक की काव्य प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। वहीं, लेखकों के बीच आयोजित पैनल चर्चा में यथार्थपरक पात्रों के सृजन और कहानी कहने की परंपरा पर विचार-विमर्श हुआ।

लेखक गाँव की निदेशक विदुषी ‘निशंक’ ने कहा कि ऐसे साहित्यिक आयोजन समाज में रचनात्मकता और संवेदनशीलता को मजबूती देते हैं। इस अवसर पर रस्किन बॉन्ड के सम्मान में उनकी प्रतिमा का अनावरण भी किया गया।
समारोह का समापन सुप्रसिद्ध उत्तराखंडी लोक गायिका मीना राणा की सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को लोक रंगों से सराबोर कर दिया। रस्किन बॉन्ड के विशेष संदेश ने आयोजन को भावनात्मक ऊँचाई दी और लेखक गाँव में सजे इस साहित्य उत्सव को यादगार बना दिया।



